राजस्थान की पहली महिला आईएपीस अफसर हैं नीना सिंह , जिन्हे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है

आया समय, उठो तुम नारी, युग निर्माण तुम्हें करना है

 

आजादी की खूदी नींव में ,तुम्हें प्रगति पत्थर भरना है

 

अपने आप को कमजोर ना समझो, तुम्हे नया इतिहास देश का अपने कर्मों से रचना है।

 

इन पक्तियों को अक्षऱशः सच किया है राजस्थान कैडर की आईपीएस नीना सिंह ने। नीना सिंह वह दबंग आईपीएस आफीसर हैं जिनके चलते एक समय बसपा सुप्रीमो मायावती की भी नींद उड़ गई थी। सीबीआई की ज्वाइंट डायरेक्टर और राजस्थान कैडर की आईपीएस नीना सिंह, एनआरएचएम स्कैम के मामले में मायावती से पूछताछ करने वाली थीं। सीबीआई की पूछताछ वह भी नीना सिंह द्वारा यह सुनकर ही मायावती परेशान हो गईं थीं।

राजस्थान की महिला आईपीएस अफसर नीना सिंह राजस्थान की पहली महिला आईएपीस अफसर हैं जिन्हे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। फि़लहाल वह सीबीआई में सयुंक्त निदेशिका हैं। नीना सिंह ने समस्या के साथ कई बार अपनी बेबाकी और बहादुरी से लोगो के छक्के छुडाएं हैं।

1989 बैच की नीना सिंह की ट्रेनिंग पीरियड के रूप में पहली पोस्टिंग हैदराबाद और उसके बाद मनीपुर में की गई। उसके बाद से ही वे राजस्थान में विभिन्न पदों पर रहीं। अप्रैल 2007 से जनवरी 2013 तक नीना सिंह कार्मिक, अजमेर रेंज, प्लानिंग एंड वेलफेयर, पुलिस हैड क्वार्टर और ट्रेनिंग में आईजी के पद पर रहीं। इसके बाद ही वे दिल्ली चली गईं और सीबीआई में जॉइंट डायरेक्टर के रूप में तैनात की गईं।

पटना से ताल्लुक रखने वाली नीना सिंह 1989 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें लेडी सिंहम के रूप में जाना जाता है। नीना के पास हार्वर्ड की डिग्री है। उनकी शादी राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारी रोहित सिंह हुई है। उन्होंने अपने साहस के बूते कई बार ऐसा मामलों में जीत हासिल की है जिसमें पुरूषों का जीत पाना संशय के घेरे में था।

नीना सिंह लगातार अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए सीबीआई का नाम रोशन कर रही हैं। उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी सौंपी गई उन्होंने उसका निर्वाह बखूबी किया, चाहे मामला कितना भी पेचीदा क्यों न रहा हो। उनके द्वारा जांच किए गए केसों में आरुषि मर्डर केस, कोल ब्लॉक स्कैम और उत्तर प्रदेश के नेशनल रूरल हैल्थ मिशन स्कैम जैसे बड़े घोटालें हैं जिसमें उन्होंने तह तक जाकर जांच की और मामले को उसके अंजाम तक पहुंचाया। अपने काम के दम पर नीना सिंह को केंद्रीय मंत्री करुणानिधि मारन के टेलीकॉम मंत्री रहने के दौरान घोटाले की जांच की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।

नीना न सिर्फ कुख्यात आपराधिक मामलों को आसानी से सुलझाती बल्कि वह महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए भी  विशेष रूप से संवेदनशील हैं। महिलाओं को लेकर उन्होंने कई सुरक्षा प्रणालियां बनाई हैं ताकि उनके साथ अन्याय न हो सके। राजस्थान में राज्य महिला आयोग में सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई उपचारात्मक कदम उठाए। उन्होंने आयोग में जो भी प्रशासनिक ढांचा तैयार किया आयोग अभी भी उसपर सफलतापूर्वक काम कर रहा है।

वर्तमान में सीबीआई में छोटा राजन और शीना बोरा केस की जिम्मेदारी इनके पास है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के नेशनल रूरल हैल्थ मिशन के बड़े घोटाले की जांच की जिम्मेदारी भी नीना सिंह के पास ही है जिसमें संदेह के घेरे में बसपा सुप्रीमों मायावती और उनके भाई भी हैं।