दलित राजनीति के प्रभावशाली हस्ताक्षर डॉ. उदित राज (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

दलित नेता के रूप में अपनी पहचान बना चुके डॉ.उदित राज पहली बार दिल्ली की उत्तर-पश्चिम क्षेत्र से 2014 में लोकसभा सांसद चुने गए। वह दलित संस्थाओ के संगठन आल इंडिया कंफेडरेशन ऑफ ऑल एससी एसटी ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकरणी के भी सदस्य हैं।

उत्तरप्रदेश के रामनगर के एक दलित परिवार में जन्मे उदित राज इलाहबाद विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली आ गए। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने 1980 में प्रतिष्ठित जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय में दाखिला लिया। उन्होंने 1988 में ओस्मानिया विश्वविद्यालय से एमए की परीक्षा पास की और राजस्थान के कोटा स्थित बाइबल कॉलेज और सेमीनरी ने उन्हें मानविकी में डॉक्‍टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। 1988 में उन्होंने यूपीएससी की सम्मिलित सेवा परीक्षा पास की और भारतीय राजस्व सेवा के लिये चुने गये। उनकी पहली नियुक्ति आयकर विभाग में गाजियाबाद में हुई। बाद में उदित राज ने दिल्ली में आयकर विभाग में उपायुक्त, संयुक्त आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त के पद पर काम किया। 2003 में उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर राजनीतिक पारी की शुरआत की। उन्होंने भारतीय जस्टिस पार्टी की स्थापना की। दलित अधिकारों की मांग को लेकर वह संघर्ष करते रहे और 2014 में भाजपा में शामिल हो गये।

भाजपा की नीतियों के आलोचक रहे उदित राज आज पार्टी की सबको साथ लेकर चलने की नीति को दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों सहित समाज के सभी वर्गों के समग्र विकास के पक्ष में मानते हैं। उनका मानना है कि इससे भारत की एकता और अखंडता को बल मिलेगा।
16वीं लोकसभा में उदित राज की उपस्थिति 97प्रतिशत रही है। वह अपने लोकसभा क्षेत्र की समस्याओं और दलितों तथा अन्य कई महत्वपूर्ण विषयों पर हुई 86 चर्चाओं में शामिल हुए। उन्होंने वाणिज्य नागरिक उड्डयन रक्षा विदेश, गृह, मानव संसाधन विकास, श्रम एवं रोजगार, शहरी विकास, ऊर्जा, वित्त तथा संचार मंत्रालय से संबंधित 214 सवाल पूछे हैं। मिड डे मील दलित आरक्षण, ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून, सविता अंबेडकर विश्वविद्यालय और अनिवार्य वर्षा जल संरक्षण जैसे विषयों पर कुल 14 प्राइवेट मेंबर बिल पेश किये। वे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की स्थाई समिति के सदस्य हैं।

उदित राज का जन्म 1 जनवरी 1958 खटीक परिवार में हुआ। वह सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक विषयों पर कई किताबें लिख चुके हैं। इसके अलावा भाई पाक्षिक पत्रिका वॉइस ऑफ़ बुद्धा का संपादन भी कर चुके हैं। उन्होंने बेल्जियम, कंबोडिया, दुबई, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, मलेशिया, रूस, साउथ, अफ्रीका, साउथ कोरिया, सिंगापुर, स्विट्ज़रलैंड, थाईलैंड, यूक्रेन और अमेरिका की यात्रा की हैं। वह संगीत के शौकीन हैं और नोएडा गोल्फ कोर्स, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, इंडिया हैबिटेट सेंटर और सिविल सर्विसेज ऑफिसर्स इंस्टिट्यूट के भी सदस्य हैं। वह कभी निजी क्षेत्र में तो कभी खेलों में दलितों के लिए आरक्षण की मांग करते हैं। बाबा भीमराव अंबेडकर का अनुसरण करने वाले उदित राज मानते हैं कि आज के दौर में दलित आंदोलन की जो दिशा होनी चाहिए थी, वो तो नहीं है लेकिन आंदोलन चल रहा है।

एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में उदित राज को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं।

(सर्वे स्टेक होल्ड तरीके से लोगों से पूछे गये पॉंच सवाल और लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा ,कुल नौ बिंदुओं पर आधारित है।)