बुलंद इरादे के सफल सांसद हैं रोडमल नागर (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

कहा जाता है कि मोदी सरकार ने काले धन की समस्या से निजात पाने के लिय नोटबंदी का जो ऐतिहासिक फैसला लिया उसके पीछे मध्यप्रदेश के सांसद रोडमल नागर के प्रस्ताव ने अहम भूमिका निभायी थी। उन्होंने 9 मई 2016 को विशेष उल्लेख के जरिए लोकसभा में एक प्रस्ताव पेश किया था जिसमें उन्होंने साफ कहा था कि 500 और 1000 रुपए के नोटों या यह कहें कि बड़े नोटों की वजह से भ्रष्टाचार और देश की सुरक्षा पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। बड़े नोटों के बिना किसी परिवर्तन के छपने की वजह से राष्ट्र विरोधी तत्वों द्वारा जाली नोटों का भी कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है, जो हमारे देश के लिये एक बड़ी समस्या का रूप धारण करता जा रहा है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में उल्लेख किया था कि जितने भी विकसित देश हैं, वहां बड़े नोट बहुत कम दिखायी देते हैं। एडगर फिज का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि एक तरफ तो सरकार देश के विकास के लिए टैक्स को ज्यादा से ज्यादा वसूलने की ओर ध्यान देती है, वहीं दूसरी ओर बड़े नोट छापती है जो देश में टैक्स चोरी का बड़ा साधन बनता है। गौरतलब है कि सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा कर दी थी।

रोडमल नागर 16वीं लोकसभा में मध्यप्रदेश की राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और पहली बार यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के गढ़ कहे जाने वाले राजगढ़ में कांग्रेस के उस समय के सांसद नारायण सिंह को मात देते हुए लगभग 2.29 लाख मतों से चुनाव जीता। युवाओं के लिए रोजगार और पलायन रोकना उनके मुख्य चुनावी मुद्दे थे और नागर अपने वायदों को पूरा करने में दिन रातजुटे हैं।

रोडमल नागर लोकसभा में मध्यप्रदेश के सबसे अधिक सक्रिय रहने वाले सांसदों में से एक हैं। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फूले और सावित्री बाई फूले को भारत रत्न की मांग भी की। नागर संघ उन कुछ नेताओं में से एक हैं जो राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की पृष्ठभूमि से भाजपा में शामिल हुए हैं। उनकी काबिलियत को देखते हुए भाजपा ने उन्हें 2018 में होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भोपाल शहर का प्रभारी बनाया है। 15 दिसंबर 1960 को जन्मे रोडमल नागर ने मध्यप्रदेश के एमवीएम विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई की है। वे किसान और कारोबार के साथ साथ समाजसेवी के कार्य भी खूब करते हैं। उन्होंने अपनी सांसद निधि से चांचौड़ा एवं राघौगढ़ विधानसभा क्षेत्र में अनेक यात्री प्रतिक्षालय स्वीकृत किये हैं।

लोकसभा में पिछले दो वर्षों में रोडमल नागर की उपस्थिति 95 प्रतिशत दर्ज की गयी है। वे जीएसटी, मध्य़प्रदेश के होशंगाबाद और नरसिंहपुर में ज्यादा ट्रेनों के पड़ाव, समझौता ब्लास्ट में सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग, सैनिकों के वेतन को आयकर से मुक्त करने, छात्र राजनीति, नदियों में औद्योगिक कचरा, बीपीएल परिवार, आयुर्वेद और योग केंद्र, संसद में दत्तोपंत थेगड़ी की प्रतिमा लगवाने, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, बोतलबंद पेयजल की कीमत, भारत नेपाल सीमा पर तार-बाड़, विद्या भारती स्कूल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पानी की किल्लत, किसानों की समस्याओं, चीन से आयात पर प्रतिबंध तथा जनता से जुड़े मुद्दों पर 241 विशेष उल्लेख और चर्चाओं में हिस्सा लिया। उन्होने श्रम एंव रोजगार, जनजाति मामलों, रक्षा, ग्रामीण विकास, जल संसाधन, विज्ञान एंव तकनीक, कृषि, मानव संसाधन, वित्त, स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, पेयजल और पर्यावरण सहित सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से 322 सवाल कर चुके हैं। हालांकि इस दौरान उन्होंने एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं किया। सांसद चुने जाने के बाद वह कृषि मंत्रालय की सलाहकार समिति, अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्तथान की समिति के सदस्य रहे। सितंबर 2016 से वह रक्षा मंत्रालय की संसद की स्थायी समिति के सदस्य के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में रोडमल नागर को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं। (सर्वे स्टेक होल्ड तरीके से लोगों से पूछे गये पॉंच सवाल और लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा, कुल नौ बिंदुओं पर आधारित है।)