युवा सोच नयी जोश से भरे दीपेंद्र सिंह हुड्डा (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

एक शानदार विरासत, दमदार राजनीतिक प्रदर्शन और असरदार विनम्रता, यही पहचान है 16वीं लोकसभा में रोहतक का प्रतिनिधित्व कर रहे दीपेंद्र सिंह हुड्डा की जो लगातार तीसरी बार सांसद चुन गये हैं। 2005 में वे चौदहवीं लोकसभा के दौरान हुए उपचुनाव में पहली बार सांसद बने। इसके बाद 2009 और 2014 में उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता। 2014 में तो कांग्रेस विरोधी लहर के बावजूद अपनी लोकसभा सीट बचाये रखने में कामयाब रहने वाले वह हरियाणा के एकमात्र सांसद हैं। पहली बार संसद पहुंचने पर वे उस समय के सबसे युवा सांसद थे। हुड्डा हरियाणा में अपनी विशेष पहचान रखने वाले राजनीतिक परिवार के तीसरी पीढ़ी के नेता हैं। उनके पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री रहे और स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले दादा रणबीर सिंह हुड्डा संविधानसभा के सदस्य और आजादी के बाद पंजाब की पहली सरकार में मंत्री थे।

सादगी पसंद हुड्डा के बारे में कहा जाता है कि वह अपने राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल से हमेशा परहेज करते हैं। इतना ही नहीं सांसद रहते हुए भी उन्होंने कभी लाल बत्ती का प्रयोग तक नहीं किया। लगातार तीसरी बार लोकसभा पहुंचे दीपेंद्र सिंह का कांग्रेस पार्टी में भी खासी प्रतिष्ठा है। उनकी काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सबसे युवा होने के बाद भी उन्हें कांग्रेस ने लोकसभा में व्हिप की जिम्मेदारी दी गयी है। उनकी गिनती पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी नेताओं में की जाती है।

दीपेंद्र का जन्म 4 जनवरी 1978 को हरियाणा रोहतक में हुआ। उन्होंने एमडी विश्विद्यालय के बिरला इंस्ट्यूट से इंजीनियरिंग और अमेरिका के इंडियाना विश्वविद्यालय के केली स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए की पढ़ाई की। वे अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज से भी शुरुआती शिक्षा हासिल कर चुके हैं। राजनीति में उतरने से पहले उन्होंने इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्री में भी काम किया। ग्रामीण आधारभूत संरचना, पानी, खेती, शिक्षा और ऊर्जा जैसे विषयों में उन्हें विशेष दक्षता हासिल है।

मौजूदा लोकसभा में हुड्डा ने 78 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करायी है। उन्होंने माहम हवाई अड्डा, किसानों को सब्सिडी और अन्य समस्याएं, आईआईएम बिल, वित्त विधेयक, हरियाणा पुलिस में भर्ती के दौरान मौत, लापता विमान, स्वर्णकारों पर अतिरिक्त कर, वन रैंक वन पेंशन, जैसलमेर में गैस प्लांट की मांग, एफसीआई द्वारा किसानों से खरीद से इनकार, कोयला खदान, राष्ट्रीय राजमार्ग 34 के निर्माण के लिए कोष और महंगाई जैसे आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर 44 विशेष उल्लेख और चर्चाओं में हिस्सा लिया. वह वाणिज्य, वित्त, रक्षा, शहरी आवास, सूक्ष्म एंव लघु उद्योग, पर्यटन, गृह, जल संसाधन, कृषि, मानव संसाधन, रेलवे, खेल एंव युवा, रसायन एंव उर्वरक, कौशल विकास और उप्भोक्ता मामलों सहित अन्य कई मंत्रालयों से संबंधित सवाल कुल 56 सवाल पूछा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बोस रेजिमेंट बिल और शहीदों को उचित मुआवजे पर प्राइवेट मेम्बर बिल पेश किया है। वे विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की स्थायी समिति और स्थानीय विकास योजना, सूचना प्रौद्योगिकी की स्थाई समिति, ऊर्चा एंव नवीत तथा अक्षय ऊर्जा मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रहे। फिलहाल वह ऊर्जा मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य हैं। क्रिकेट, हरियाणवी दांवपेच वाली कुश्ती और टेनिस जैसे खेलों में उनकी विशेष रुचि है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, इंडोनेशिया, जापान, केन्या, स्वीडन और अमेरिका की यात्रा की है।
एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में दीपेंद्र हुड्डा को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं। (सर्वे स्टेक होल्ड तरीके से लोगों से पूछे गये पॉंच सवाल और लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा, कुल नौ बिंदुओं पर आधारित है।)