राष्ट्रीय राजनीति के चर्चित युवा सांसद अनुराग ठाकुर (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

चाहे क्रिकेट हो या पॉलिटिक्स, दोनों में ही एक्टिव रहने वाले शख्स हैं अनुराग ठाकुर। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके प्रेम कुमार धूमल के इन होनहार बेटे को राजनीति भले ही विरासत में मिली हो, लेकिन उन्होंने अपने दम पर ही राजनीति व खेल में एक मुकाम हासिल किया है। वे बीजेपी के टिकट पर तीन बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से बीजेपी के सांसद हैं।

अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्टूबर 1974 को हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा दयानंद मॉडल स्कूल से की और कॉलेज की पढ़ाई दोआबा कॉलेज, जालंधर से की, जहां उन्होंने बीए की डिग्री पूरी की। छोटी सी उम्र में ही अनुराग ठाकुर ने क्रिकेट और राजनीति दोनों में ऊचाइयां हासिल कर ली हैं। 16वीं लोकसभा में सांसद बने अनुराग ठाकुर सूचना प्रौद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं और लोक लेखा समिति के भी सदस्य हैं। अनुराग भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रान्त अध्यक्ष भी हैं। अनुराग अपने तेज-तर्रार स्वभाव की वजह से युवाओं के बीच भी काफी पॉपुलर हैं। शायद यही वजह रही होगी कि 16 वीं लोकसभा चुनाव में अनुराग की जीत ने अनुराग को ऑल इंडिया भारतीय जनता युवा मोर्चा का अध्यक्ष बना दिया। इस पद को संभालते हुए उन्होंने कलकत्ता से श्रीनगर तक की निकली राष्ट्रीय एकता यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न कर अपने पिता से विरासत में मिली नेतृत्व की क्षमता को सही साबित किया। उन्होंने इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य श्रीनगर स्थित लाल चौक पर तिरंगा फहराकर पूरा किया।

अनुराग ठाकुर जितने राजनीति के धुरंधर हैं। उससे दो कदम आगे वो खेल के माहिर खिलाड़ी और शौकीन हैं। अनुराग ठाकुर साल 2000- 01 में महज 25 वर्ष की उम्र में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने। 2000-2001 में फ़र्स्ट क्लास मैच में अनुराग ने हिमाचल प्रदेश टीम की कप्तानी करते हुए जम्मू एंड कश्मीर के खिलाफ डेब्यु की, जिसने उनके लिए बीसीसीआई के दरवाजे खोल दिये। हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष रहते हुए अनुराग ने यह डेब्यु किया था। इसलिए वे बीसीसीआई में जा सकते थे। बस क्या था सिर्फ एक मैच ने अनुराग ठाकुर को बीसीआई तक पहुंचा दिया। उन्होंने बीसीसीआई के सेक्ट्रेरी पद के लिए चुनाव लड़ा, जिसमें वे विजयी भी रहे और बीसीसीआई के सचिव बन गए। लेकिन ऊचांईयां अभी भी बाकी थी। और मई 2016 को बीसीसीआई के अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में भी वे सफलतापूर्वक अपने पुराने इतिहास को दोहराने में सफल रहे। इस तरह वे बीसीसीआई अध्यक्ष पद के तौर पर दूसरे सबसे युवा अध्यक्ष रहे। इधर धर्मशाला में बना खूबसूरत क्रिकेट स्टेडियम उनके प्रयासों का ही नतीजा माना जाता है।

अनुराग ठाकुर की शादी साल 2002 में हिमाचल प्रदेश के मंत्री रह चुके गुलाब सिंह की बेटी शेफाली ठाकुर से हुई और उनके दो बेटे हैं। क्रिकेट और राजनीति दोनों की जिम्मेदारियां निभाते हुए भी लोकसभा में अनुराग ठाकुर की उपस्थिति 91 प्रतिशत है। सोलहवीं लोकसभा में अब तक उन्होंने 52 बहस में हिस्सा लिया है और 340 सवाल पूछे हैं। वे बीसीसीआई की बैठकों में मुद्दे उठाते हैं, तीखे बयान देते हैं, विवाद के केंद्र में आते हैं तो लोकसभा में भी बहस करते हैं, राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय देते हैं।

अनुराग क्रिकेट के अलावा हॉकी, राइफल जैसे खेलों में भी रुचि रखते हैं। वे इनके एसोसिएशन के प्रशासनिक पदों पर भी रह चुके हैं। 29 जुलाई 2016 को अनुराग ठाकुर को एक रेग्युलर ऑफिसर के तौर पर टेरिटोरियल आर्मी में शामिल कर लिया गया है। इस तरह बीजेपी मेँ रहते हुए अनुराग आर्मी-मेन बनने वाले पहले शख्स बने। ऐसा भी माना जा रहा है कि अनुराग ठाकुर की काबिलियतों को देखते हुए आने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा में उनको बड़ी जिम्मेदारियां भी दी जा सकती हैं।

एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में अनुराग ठाकुर को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं।

(सर्वे स्टेक होल्ड तरीके से लोगो से पूछे गये पॉंच सवाल और लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा ,कुल नौ बिंदुओं पर आधारित है)