आसमान छूने का जज्बा रखने वाले दुष्यंत चौटाला (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

सबसे युवा होने के बावजूद अनुभव और जानकारी का भंडार माने जाने वाले सांसद दुष्यन्त चौटाला की संसद में एक अलग ही पहचान है। वे हरियाणा की हिसार लोकसभा सीट से इंडियन नेशनल लोकदल के सांसद हैं। वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अब तक चुने गये सबसे कम उम्र के सांसद हैं। चुनाव जीतने के समय उनकी उम्र मात्र 25 वर्ष 11 माह और 15 दिन थी।
दुष्यन्त को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता डॉ. अजय सिंह चौटाला इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव हैं। वे पूर्व उप-प्रधानमंत्री चौ. देवीलाल के पड़पौत्र और हरियाणा के सबसे ज्यादा बार मुख्यमंत्री रहे इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला के पौत्र हैं। वे अपने परिवार की चौथी पीढ़ी के नेता हैं। दुष्यन्त मानते हैं कि लोकराज लोकलाज से चलता है। राजनीति में लोक और लाज सर्वोपरि है तथा राज पूरी तरह सेवाभाव से होना चाहिये। हरियाणा में लोग प्यार से उन्हें दूसरा देवीलाल कहते हैं।
संसद में उनकी उपस्थिति 87 प्रतिशत दर्ज की गयी है। उन्होंने बच्चों की मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा, सतलुज यमुना लिंक नहर, किसानों के हालात, सूचना प्रौद्योगिकी, मानसिक स्वास्थ्य बिल, शहीद भगत सिंह एयरपोर्ट, हिसार दूरदर्शन केंद्र, रेलवे, प्रधानमंत्री राहत कोष, किसान क्रेडिट कार्ड,  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और चंडीगढ़ फ़िल्म इंस्टीटूट जैसे कई अन्य विषयों पर विशेष उल्लेख और चर्चाओं में हिस्सा लिया। वह स्वास्थ्य, मानव संसाधन, पेट्रोलिम, आयुष, ग्रामीण विकास, नागरिक उड्डयन, ग्रामीण विकास, रसायन एवं उर्वरक, रक्षा, ऊर्जा, रेल, कृषि, श्रम, वित्त आदि मंत्रालयों से जनता से जुड़े 527 सवाल कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त अपराध संहिता, रेलवे, नारकोटिक्स, उपभोक्ता संरक्षण, दूरसंचार, प्रशासनिक ट्रिब्यूनल, मोटर व्हीकल एक्ट तथा हिन्दू उत्तराधिकार आदि से संबंधित प्राइवेट मेंबर बिल पेश किए हैं। वह वाणिज्य मंत्रालय की समिति के सदस्य हैं।
दुष्यन्त चौटाला का जन्म हरियाणा के हिसार में 3 अप्रैल 1988 को हुआ। उनकी परारम्भिक शिक्षा हिसार में हुई। हिमाचल के  लॉरेंस स्कूल से उन्होंने दसवीं तथा बारहवीं की और इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए विदेश गये। अमेरिका में उन्होंने कैलीफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ साइंस इन बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की। आगे की पढ़ाई की लिये उन्हें अमेरिका जाना था लेकिन 16 जनवरी को जेबीटी प्रकरण में पिता अजय सिंह और दादा ओम प्रकाश चौटाला को हिरासत में ले लिया गया और दुष्यन्त ने पढ़ाई छोड़ परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ने का फैसला किया।
उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल तक जीता। स्कूल की बॉस्केटबॉल टीम की कप्तानी भी की। वह स्कूल की हॉकी टीम के गोलकीपर भी थे। सामाजिक कार्यों में उनकी विशेष रुचि है। वे अक्सर रक्त दान शिविर, वृक्षारोपण, अंग दान के लिए जागरुकता के लिए अभियान चलाते रहते हैं। शिक्षा और खेलों को प्रसार और संस्कृति तथा विरासत के संरक्षण और संवर्धन में उनकी विशेष रुचि है। वे खेलों में बॉक्सिंग, फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलते हैं। हरियाणा टेबल टेनिस संघ के अध्य्क्ष और भारतीय ओलिम्पिक संघ के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दुष्यन्त चौटाला वर्तमान में भारतीय टेबल टेनिस फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, भूटान, कनाडा, चिली, चीन, कोस्टा रिका, एस्टोनिया, फिनलैंड, फ्रांस, इटली, जापान, मैक्सिको, नेपाल, न्यूजीलैंड, पनामा, रूस, सिंगापुर, स्पेन, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन (इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स), उरुग्वे और यूएसए आदि देशों की यात्राएं की हैं।
एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में दुष्यंत चौटाला को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं।
(सर्वे स्टेक होल्ड तरीके से लोगों से पूछे गये पॉंच सवाल और लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा ,कुल नौ बिंदुओं पर आधारित है।)