सामाजिक जागरुकता से बदलाव की कोशिश में लगे पुष्पेंद्र सिंह चंदेल (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल 16वीं लोकसभा में उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे भाजपा के उन सांसदों में शुमार हैं जो पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं। चंदेल रेलवे की स्थायी समिति और कृषि मंत्रालय की परामर्श समिति के सदस्य के रुप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें उत्तर प्रदेश की राज्य कार्य समिति का सदस्य बनाया है। वह पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई में खेल प्रकोष्ठ के संयोजक की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों की समस्याओं और परेशानियों को हल करने के लिए स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया। महोबा को जिला बनाने के लिये उन्होंने सफल आंदोलन का नेतृत्व किया। लंबे संघर्ष के बाद वह सरकार को इसके लिए मानने में कामयाब रहे।

चंदेल महान विचारक विवेकानंद के विचारों से खासे प्रभावित हैं। छात्रों को उनके बारे में बताने और उनके मार्गदर्शन के लिए अक्सर वह क्षेत्र के स्कूल और कॉलेजों में विशेष आयोजन कराते हैं। सामाजिक जीवन से उनका जुड़ाव बचपन से ही रहा। वह राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के बालक संगठन बाल स्वंय सेवक संघ के सदस्य के रुप में संघ की सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेते कार्यशैली के चलते क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने जल संरक्षण को लेकर जागरुकता अभियान चलाया और दहेज प्रथा के विरोध में सामूहिक विवाह कराने वाली संस्था चलाते हैं। इसके अलावा वह कुष्ठ रोगियों, उनके परिवार तथा अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए कार्य करते हैं। खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए वह हर वर्ष दंगल प्रतियोगिता और क्रिकेट तथा हॉकी के मैच भी कराते हैं। सांस्कृतिक विरासत को संजोने के लिए भी वह कई आयोजन कराते रहे हैं।

ग्रामीण जनता में शिक्षा और पर्यावरण के प्रति जागरुकता उत्‍पन्‍न्‍ा करने के लिए विभिन्‍न कार्यक्रम शुरु किए है। चन्‍देल वंश के राजाओं की जल संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उऩ्होंने क्षेत्र के जल संसाधनों की पुनजीवित कने के लिए अत्‍यधिक प्रयास किए है जिनमें कीरत सागर, बीजा सागर, कल्‍याण सागर शामिल हैं।

चंदेल इलाके के किसानों को ड्रिप इरिगेशन एवं क्रॉप ऑर्गेनिक रोटेशन फॉर्मिंग द्वारा बेहतर उपज प्राप्‍त करके आमदनी बढ़ाने और डेयरी तथा पॉल्‍ट्री फॉर्म जैसे साधनों के प्रति जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने किसानों को योग्‍य कृषि वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की सहायता उपलब्ध कराकर फलों के बाग तथा नर्सरी लगाने में मदद की। इसके अतिरिक्त ऋण एवं बीमा के बारे में जानकारी देना और सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास करते रहे हैं।

पुष्पेंद्र सिंह चंदेल का जन्म 8 अक्टूबर 1973 को उत्तरप्रदेश के महोबा में हुआ। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में एमए और फिर कानून की पढ़ाई की। घूमने, शतरंज, निशानेबाजी और बेडमिंटन खेलने के साथ साथ उन्हें घुड़सवारी और मछली पकड़ने का भी शौक है। वे महोबा जिले में कई निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में भी बाजी मार चुके हैं। इसके अलावा वह खाली समय में धार्मिक और प्रेरक सहित्य पढ़ना पसंद करते हैं और कविताएं भी लिखते हैं। जब भी वे कामकाज और सामाजिक जिम्मेदारियां नहीं निभा रहे होते हैं तो परिवार के साथ समय बिताना उन्हें बेहद भाता है। पुष्पेंद्र सिंह ऑस्ट्रिया, जर्मनी, इटली, मलेशिया,नेपाल, सिंगापुर और थाइलैंड की यात्रा कर चुके हैं।

एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में पुष्पेंद्र सिंह चंदेल को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं।

(सर्वे स्टेक होल्ड तरीके से लोगो से पूछे गये पॉंच सवाल और लोकसभा की साइट पर उपलब्ध चार प्रमुख डाटा ,कुल नौ बिंदुओं पर आधारित है)