संसदीय क्षेत्र के विकास को प्रयत्नशील रबिंद्र कुमार जेना (एशिया पोस्ट श्रेष्ठ सांसद सर्वे 2017)

लोकसभा में ओडिशा के अत्यंत पिछड़े इलाके बालासोर की जनता के प्रतिनिधि रबिंद्र कुमार जेना बीजू जनता दल यानी बीजेडी के एक सशक्त हस्ताक्षर हैं। 2014 के आम चुनाव में पहली बार सांसद चुने गए जेना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब देश भर में भारतीय जनता पार्टी की लहर थी, उन्होंने उस पार्टी के प्रताप सदंगी को रिकॉर्ड वोटों से मात दी।

रबिंद्र कुमार जेना संचार एंव सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की सलाहकार समिति के सदस्य रहे। इसी वर्ष मई में उन्हें वह सार्वजनिक उपक्रमों की समिति का सदस्य बनाया गया है। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक लोकसभा के कुल 12 सत्रों में से आधे में रबिंद्र कुमार जेना की उपस्थिति 100 प्रतिशत रही है। सदन में उनकी औसत मौजूदगी 95 प्रतिशत दर्ज की गयी है। वह 228 चर्चाओं में शामिल रहे हैं। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, नशीले पदार्थ, जल संरक्षण, कृषि विकास, कचरा निस्तारण, सूखा राहत, जातीय हिंसा, दूरसंचार और युवाओं तथा जनता से जुड़े कई अन्य विषयों पर सरकार से लगभग 400 प्रशन पूछे चुके हैं। इसके अतिरिक्त जेना बच्चों की मुफ्त अनिवार्य शिक्षा, भ्रष्टाचार निरोधी, शरणार्थियों के संरक्षण, सड़क सुरक्षा, गवाहों की सुरक्षा और विशेष विवाह जैसे विषयों सहित कुल 12 पर प्राइवेट मेंबर पेश कर चुके हैं।

जेना बीजू जनता दल के 20 और ओडिशा के 21 सांसदों में से एक हैं। वह कई अन्य मुद्दों के साथ साथ अपने संसदीय क्षेत्र बालासोर के पानी की समस्या को प्रभावी तरीके से संसद में उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पानी की किल्लत के चलते लोग अपनी बेटियों की शादी इस इलाके में नहीं करना चाहते। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पानी को संविधान की समवर्ती सूची से निकालकर राज्यों की जगह केंद्र के दायित्वों की सूची में जोड़ा जाना चाहिये।

उन्होंने चक्रवात और सर्दियों में कंबल और दूसरी राहत सामग्रियों के माध्यम से अपने इलाके के गरीब और जरूरतमंदों की मदद करनें और निराश्रितों के लिए सिर छिपाने का बंदोबस्त करने में भी अग्रणी भूमिका निभायी है। वे आरकेजे फाउंडेशन नाम की एक स्वयंसेवी संस्था भी चलाते हैं जो ग्रामीण इलाकों में मेडिकल कैंप के जरिये निशुल्क ईलाज उपलब्ध कराता है, बाढ़ और चक्रवात से प्रभावित लोगों के लिये राहत शिविरों की स्थापना, गरीब माता-पिता की बेटियों की शादी का भी बंदोबस्त करता है।

इसके अलावा रबिंद्र जेना बेहतर कृषि उत्पादन, शैक्षिक छात्रवृत्ति, वृक्षारोपण, पदोन्नति और प्रोत्साहन के लिए किसानों को प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करते हैं। सामाजिक आर्थिक विषयों पर मजबूत पकड़ रखने वाले जेना की गिनती उन गिने-चुने सांसदों में होती है जो इंजीनियरिंग की उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा प्राप्त हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स से मैकेनिकल इंजिनीरिंग करने के साथ साथ उन्होंने जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से एम.बी.ए. फाइनैंस की पढ़ाई भी की है।

रबिंद्र कुमार जेना का जन्म 4 अगस्त 1967 को बालासोर में हुआ। वे राष्ट्रपति के प्रतिनिधि मंडल के सदस्य के रूप में 2012 में स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया आदि देशों की यात्रा भी कर चुके हैं।

एशिया पोस्ट सर्वे – प्रभावशाली सांसद 2017 में सांसदों का जनता से जुड़ाव, प्रभाव, छवि, पहचान, कार्यशैली, सदन में उपस्थिति, बहस में हिस्सा, प्राइवेट बिल, सदन में प्रश्न, सांसद निधि का उपयोग व सामाजिक सहभागिता को मुख्य मापदंड बना कर किये गये सर्वे में रबिंद्र कुमार जेना को प्रमुख स्थान प्राप्त करने के लिये टीम फेम इंडिया की बधाई और शुभकामनाएं।