खबरों की दुनिया से युवाओं को जोड़ा है राहुल कंवल ने (फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017)

देश के नंबर वन मीडिया ग्रुप टीवीटुडे नेटवर्क में वैसे तो हिन्दी और अंग्रेजी दोनों ही भाषाओं के चैनल हैं और दोनों के अपने-अपने पत्रकार भी हैं, लेकिन इनमें से राहुल कंवल ही ऐसे हैं जिनकी दक्षता दोनों भाषाओं में है। वे टीवी टुडे के प्रतिष्ठित अंग्रेजी चैनल ‘इंडिया टुडे’ (हेडलाइंस टुडे का परिवर्तित नाम) के मैनेजिंग एडीटर हैं। किसी न्यूज़ चैनल का सबसे कम उम्र के संपादक होने का गौरव प्राप्त करने वाले राहुल युवा दर्शकों में खासे लोकप्रिय हैं।

14 सितंबर 1980 को जन्मे राहुल कंवल की शुरुआती शिक्षा बिहार में हुई। पिता के लगातार ट्रांसफर की वजह से उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने व जुड़ने का मौका मिला। बचपन में ही एक रिश्तेदार को टीवी पर देख कर तय कर लिया कि न्यूज ऐंकर ही बनना है और स्कूल से लेकर कॉलेज तक इसी सपने के साथ बड़े हुए। अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने पटना विश्‍‍वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा भी किया।

जब 1999 में दिल्ली आये तब ज़ी न्यूज़ लांच हो रहा था। उन्हें चुन लिया गया और उस वक्त वे जी नेटवर्क के सबसे कम उम्र के एंकर व रिपोर्टर थे। इस दौरान उनकी बहुमुखी प्रतिभा देखने को मिली। उन्होंने ज़ी में मुख्य तौर पर बिजनेस बीट कवर किया और इससे संबंधित कई महत्त्वपूर्ण खबरें की। इसी बीच कारगिल युद्ध हुए और राहुल को मौका मिला इसको कवर करने का। युद्ध और उसके बाद के परिणामों से जुड़े कई कार्यक्रम किए जिससे उनकी अलग पहचान बनी। इसके बाद उन्होंने कश्मीर सहित कई राज्यों में चुनावों को कवर किया। इसके बाद उन्होंने एक बड़ी खबर पर एंकरिग और वह थी रूस से सैन्य हार्डवेयर खरीदने में भ्रष्टाचार की। उससे जुड़ी हर छोटी बड़ी चर्चा पर राहुल ने पैनी नजर रख कर बेबाक पत्रकारिता की। हालांकि कुछ ही दिनों तक नौकरी करने के बाद ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्‍म पढ़ने के लिये कार्डिफ यूनिवर्सिटी चले गये। फिर उन्होंने ब्रिटेन के सरे से पत्रकारिता का एडवांस कोर्स भी किया।

वर्ष 2002 में वह आजतक में आये। अंग्रेजी चैनल हेडलाइंस टुडे के संपादक के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले राहुल एक प्राइम टाइम न्यूज़ एंकर और आज तक के लिए रक्षा और बाह्य मामलों के संवाददाता थे। 2008 में वह एंकर के रूप में हेडलाइंस टुडे में चले आये और इस चैनल का एक्जीक्यूटिव एडीटर बनने तक लास्ट वर्ड नामक टॉक शो को पेश करते थे जो अपनी तरह का अलग शो है। जब टीवी टुडे ने हेडलाइंस टुडे को ‘इंडिया टुडे’ के नाम से रीलॉंच किया तो राहुल को ज्‍वलंत मुद्दों पर आधारित कई प्रोग्राम डिजाइन व होस्ट किये। वे खुद युवा होने के कारण और युवाओं की पैरवी करते हैं। राहुल कंवल अपने कार्यक्रम सेंटर स्‍टेज में दिन की बड़ी खबर पर चर्चा करते हैं।

राहुल कंवल को प्रभु चावला के आजतक छोड़ने के बाद उनका प्रसिद्ध शो ‘सीधी बात’ होस्ट करने का मौका मिला। हालांकि इस कार्यक्रम को होस्ट करना किसी भी नये और नौजवान एंकर के लिये आसान नहीं था। अगर राहुल की जगह कोई और होता तो इस शो को स्वीकार करने से पहले हिचकिचाता पर उन्होंने न सिर्फ इस शो को अपनाया बल्कि उनको अपने रंग में भी ढाला। आज यह शो राहुल कंवल के नाम से पहचाना जाता है। राजनीतिक व सामाजिक विषयों पर तटस्‍थता के साथ बहस को रोचक अंदाज में पेश करना राहुल कंवल की खूबी है।

राहुल को पत्रकारिता में दिए इस योगदान के लिए उनको रोरी पेक पुरस्कार से नवाजा जा चुका हैं। साथ ही इंडियन टेली पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ फॉर्मेट शो ऑन अ न्यूज़ चैनल और आईटीए पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ ऐंकर, न्यूज़ कर्रेंट अफेयर्स शो के लिए दिया गया है। राहुल उन चंद प्रोफेशनल्स में शामिल हैं जो बाइ लिंग्लुअल हैं और पत्रकारिता को नयी सूरत देना चाहते हैं। उनका हर अंदाज उनके प्रशंसकों को काफी पसंद आता है और राहुल भी लगातार कोशिश करते हैं कि वह हरपल नयेपन के साथ टीवी पर आयें। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017 में राहुल कंवल को भारतीय टीवी मीडिया के एक प्रमुख सरताज के तौर पर पाया गया है।