स्टार इंडिया के ‘बिना चेयर वाले’ चेयरमैन हैं उदय शंकर (फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017)

देश के सबसे बड़े टेलीविज़न नेटवर्क ग्रुप स्टार इंडिया के चेयरमैन व सीईओ उदय शंकर आज भारतीय मीडिया-जगत में सफलता की एक मिसाल हैं। उन्होंने पत्रकारिता से इंटरटेनमेंट और उसके मैनेजमेंट तक का सफर तय किया है और हर क्षेत्र में सफल साबित हुए हैं। उनके नेतृत्व में स्टार इंडिया न सिर्फ दर्शकों के लिहाज से बल्कि पहुंच और रेवेन्यु के लिहाज से भी भारत का नंबर वन ब्रॉडकास्टिंग ग्रुप बनने में कामयाब हुआ है। उनकी खासियत ये है कि वे काम करते वक्त बैठते नहीं हैं।

उदय शंकर की उदयगाथा वाकई प्रेरणादायक है। बचपन से पत्रकार बनने की इच्छा रखने वाले शंकर के पिता बिहार में सरकारी सिविल इंजीनियर थे। पिता की इच्छा थी कि वे आईएएस अधिकारी बनें तो उनकी राय मान 1980 के दशक में अर्थशास्त्र में मास्टर्स डिग्री हासिल करने जवाहर लाल नेहरु युनिवर्सिटी दिल्ली चले गये और यूपीएससी की सिविल सर्विसेज परीक्षा भी दी। पहली बार में ही उदय शंकर इंटरव्यू तक पहुंच गये, लेकिन चयन नहीं हुआ तो परिवार के विरोध के बावजूद इन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए टाइम्स स्कूल ऑफ़ जर्नलिज्म, दिल्ली में पत्रकारिता का कोर्स ज्वाइन कर लिया।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया, पटना में बतौर पॉलिटिकल रिपोर्टर पत्रकारिता में उनके कॅरीअर की शुरुआत हुई। एक लम्बे संघर्षपूर्ण सफ़र के साथ कई पत्र-पत्रिकाओं में काम करते हुए 1995 में ज़ी न्यूज़ से टीवी जर्नलिज़्म में कदम रखा। वहां से होम टीवी, फिर श्री अधिकारी ब्रदर्स के प्रोडक्शन हाउस के साथ, फिर सहारा टीवी होते हुए वर्ष 2000 में ये ‘आजतक’ कार्यक्रम के एडीटर बने। जब आजतक ने 24 घंटे का न्यूज चैनल शुरु किया तो वे न्यूज़ डायरेक्टर बने। भारत में ‘ब्रेकिंग न्यूज’ के कॉन्सेप्ट की शुरुआत करने वाला इन्हें ही माना जाता है। उन दिनों, जब ओबी वैन्स और वायरलेस फीड नहीं के बराबर हुआ करते थे, ब्रॉडबैंड केबल के जरिये गुजरात भूकंप का लाइव वीडियो प्रसारित कर इन्होंने दर्शकों और प्रतिद्वंदियों सबको चौंका दिया था। 2004 में उदय शंकर स्टार ग्रुप और आनंद बाजार पत्रिका के जॉइंट वेंचर स्टार न्यूज़ से जुड़े। उन्होंने अपनी अगुवाई में स्टार न्यूज़ को देश का सबसे लोकप्रिय न्यूज़ चैनल बना दिया।

वे देश के चोटी के पत्रकार माने जाते थे और वे न्यूज़ इंडस्ट्री में सफलता का पर्याय माना गया, लेकिन व्यापार में भी उदय शंकर के एक सफल नाम बनने की शुरुआत 2007 में उनके स्टार टीवी ग्रुप के सीईओ बनाने के बाद हुई। उन्होंने इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नये आइडिया से बड़ा परिवर्तन किया जिससे आज स्टार इंडिया 10,000 करोड़ के रेवेन्यु, लगभग 40 चैनलों और 100 देशों के 72 करोड़ से भी अधिक दर्शकों के साथ सबसे बड़ी ब्रॉडकास्ट कम्पनी बनी हुई है। उदय शंकर को एक जोरदार टीम लीडर माना जाता है।

शान्त स्वभाव के उदय शंकर को टीवी देखना बहुत पसंद है। वे कहते हैं कि वे 24 घंटे, 48 घंटे या फिर 72 घंटे भी टीवी देख सकते हैं। काम करने में वे कभी नहीं थकते और मुंबई में उनके लोवर परेल स्थित दफ्तर में खास बात ये है कि वे अपने लिये कोई कुर्सी नहीं रखते। वे स्टैंडिंग डेस्क के सामने खड़े रह कर घंटों काम कर सकते हैं। उनका कहना है कि ऐसा करने से उन्हें फिट रहने व बढ़िया सोचने में मदद मिलती है। एक बड़े पत्रकार ने उनके बारे में मजाक में कहा था कि उदय शंकर शायद ऐसे इकलौते चेयरमैन हैं जो चेयर पर नहीं बैठते।

स्टार इंडिया में उन्हें साहसिक पहल करने वाले बिजनेस लीडर के तौर पर जाना जाता है। इन्होंने तब 5 करोड़ प्रति एपीसोड खर्च कर सत्यमेव जयते की शुरुआत की थी जब भारतीय मनोरंजन चैनलों पर फैमिली सोप के जरिये ही खींच-तान चल रही थी। स्टार इंडिया ने कबड्डी को भी एक नयी पहचान देकर खेलों पर अरबों रुपये खर्च करवाये। दोनों ही प्रयासों को जोरदार सफलता मिली।

इसी साल (2017 में) उदय शंकर को ‘ई वाई बेस्ट इंटरप्रेन्योरियल सीईओ अवॉर्ड’ से नवाजा जा चुका है। 2015 में उन्हें ‘फोर्ब्स इंडियन लीडरशिप अवॉर्ड’ मिल चुका है जबकि 2013 में इंडियन एक्सप्रेस ने उन्हें देश के सौ सबसे पॉवरफुल लोगों में 26वां स्थान दिया था। 2014 में उन्हें ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ डिकेड’ चुना गया था। हालांकि उदय शंकर अपनी टीम को ही अपना पुरस्कार मानते हैं और कहते हैं कि इसी की बदौलत वे इतनी ऊंचाई तक पहुंच पाये हैं। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017 में उदय शंकर को भारतीय टीवी मीडिया के एक प्रमुख सरताज के तौर पर पाया गया है।