साहसिक पत्रकारिता के लिये लीक से हटकर चलने में भी गुरेज़ नहीं करते दीपक शर्मा (फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017)

कभी आजतक के एंकर व इन्वेस्टिगेशन एडीटर रहे दीपक शर्मा ने जब नंबर वन चैनल का दामन छोड़ अपना वेंचर ‘इंडिया संवाद’ शुरू किया तो कई लोगों ने उनको सरफिरा कहा। कुछ ने कहा कि सफलता का नशा उनके सर चढ़ गया है और कुछ लोगों ने तो उनकी नाकामयाबी की भविष्यवाणी तक कर डाली। यह सब उनके तल्ख़ अंदाज़ वाले फेसबुक पोस्ट की वज़ह से हुआ था जिसमें उन्होंने आजतक छोड़ जनता के बीच जाने के अपने फैसले से सबको अवगत करवाया था। तब उनके इस अंदाज़ को कई लोगों ने आत्मघाती बताया पर आज उनके वेंचर इंडिया संवाद की सफलता ने उन सबको करारा जवाब दे दिया है।

दीपक शर्मा की स्कूली व कॉलेज स्तर की शिक्षा लखनऊ के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से हुई। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रैजुएशन व अंग्रेजी में एम ए किया। अपने कॅरियर की शुरुआत दैनिक जागरण के साथ की थी। उसके बाद वो अंग्रेजी दैनिक द पायॅनियर के लिये काम करने लगे। वर्ष 2002 में उन्होंने विशेष संवाददाता के रूप में आज तक ज्वाइन किया और जल्दी ही एडीटर बना दिये गये।

दीपक शर्मा सबसे बहुमुखी खोजी पत्रकारों में से एक हैं। भारतीय उपमहाद्वीप में आतंकी नेटवर्क और माफिया गिरोहों के विषय में वो गहरी जानकारी रखते हैं। चाहे वह तालिबान मिलिशिया के साथ सीधी बातचीत करना हो या फिर कराची स्थित अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद के गुर्गों के साथ बातचीत, दीपक शर्मा ने हमेशा ही सबसे पहले महत्वपूर्ण खबरों को ब्रेक किया है। वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में उन्होंने ही तत्कालीन रक्षा सौदों की जांच-पड़ताल की और कांग्रेस ने संसदीय मामलों की समीति के कागजात पर आधारित दीपक शर्मा की आजतक पर प्रसारित रिपोर्ट के आधार पर वाजपेयी सरकार के खिलाफ एकमात्र अविश्वास प्रस्ताव संसद में पेश किया था।

आजतक में दीपक शर्मा ने कई घोटालों का भी पर्दाफाश किया जिसमें मशहूर तेलगी स्टांप घोटाला भी शामिल है। वेस्ट इंडीज में हुए क्रिकेट विश्वकप में भारत की जबरदस्त हार के बाद राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का स्टिंग ऑपरेशन करनेवाली टीम का नेतृत्व भी दीपक शर्मा ने ही किया था। स्टिंग ऑपरेशन के जरिये नकली दवा बनाने के कारोबार का खुलासा भी दीपक शर्मा और उनकी टीम ने ही किया था जिसके बाद देशभर में जागरुकता फैली और नकली दवा बनाने वाले केंद्रों पर छापे मारे गये। उन्होंने ही स्टिंग ऑपरेशन के जरिए बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के संबंधों पर से परदा उठाया था जिसमें जासूसी कैमरे के सामने फिल्मी सितारों, निर्माताओं और निर्देशकों ने कबूल किया था कि माफिया सरगना दऊद इब्राहिम बॉलीवुड की फिल्मों में पैसा लगा रहा है। फिर वह समय भी आया जब दीपक ने आजतक को अलविदा कह दिया। जनवरी 2015 को दीपक ने जुदा अंदाज़ में आजतक से अपना नाता तोड़ लिया।

‘इंडिया संवाद’ वेबसाइट के जरिये दीपक शर्मा ने कई बड़ी स्टोरीज ब्रेक की हैं जिन पर कॉरपोरेट या मेन-स्ट्रीम मीडिया अक्सर मौन रहता है। आज उनका इंडिया संवाद सच की कई परतें उधेड़ चुका है और भविष्य में भी ऐसा ही करने की तैयारी में है। जनता से जुड़े इस वेंचर में सच चाहे किसी भी पार्टी या व्यक्ति का हो बेबाकी से पेश होता है और यही अंदाज़ दीपक शर्मा को दूसरे पत्रकारों से जुदा बनता है। आज सब दीपक उम्मीद करते हैं कि नयी राह पर भी वे इतने ही सफल होंगे और उनकी खोज जारी रहेगी। फेम इंडिया-एशिया पोस्ट मीडिया सर्वे 2017 में दीपक शर्मा को न्यू मीडिया के एक प्रमुख सरताज़ के तौर पर पाया गया है।