वीरायतन पालीताणा

गुजरात में पालीताणा शत्रुंजय नदी के तट पर शत्रुंजय पर्वत की तलहटी में स्थित जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ है। जैन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध पालीताणा में पर्वत शिखर पर एक से बढ़कर एक भव्य व सुंदर 863 जैन मंदिर हैं। सफ़ेद संगमरमर में बने इन मंदिरों की नक़्क़ाशी व मूर्तिकला विश्वभर में प्रसिद्ध है। 11वीं शताब्दी में बने इन मंदिरों में संगमरमर के शिखर सूर्य की रोशनी में चमकते हुये एक अद्भुत छटा प्रकट करते हैं तथा मणिक मोती से लगते हैं। पालीताणा शत्रुंजय तीर्थ का जैन धर्म में बहुत महत्त्व है। पाँच प्रमुख तीर्थों में से एक शत्रुंजय तीर्थ की यात्रा करना प्रत्येक जैन अपना कर्त्तव्य मानता है। आचार्यश्री चंदना जी की सोच “जहां जिनालय वहां विद्यालय” के विस्तार के तहत जिन 200 केंद्रों पर स्कूलों की शुरुआत की जायेगी पालीताणा उनमें से प्रमुख है। पालीताणा में अप्रैल 2015 में भूमि पूजन के साथ विद्या केंद्र बनने की शुरुआत हो गयी थी तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है।

इसे एक विशाल शिक्षण संस्थान के अलावा टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर, वोकेशनल व टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर्स, एक मॉडल स्कूल व बाल संस्कार केंद्र बनाने की तैयारी है। इसके अलावे यहां आध्यात्मिक केंद्र, उपाश्रय, मंदिर, लाइब्रेरी, ध्यान व योग केंद्र, नैचुरोपैथी सेंटर, एक अतिथि गृह और गौतमलब्धि भोजनालय बनाने की भी योजना है। एक सुंदर पर्वत के पास बसे इस केंद्र की छटा भी बेहद मनोहारी है।