वीरायतन व्योम – आगरा

यहां का पर्युषण पूरी तरह से ऐतिहासिक रहा है। अधिकतर लोगों को पता है कि आचार्यश्री चंदना के आगरा पर्युषण कार्यक्रम के दौरान उनसे प्रेरित होकर श्री अशोक सुराना जी ने एक मूल्यवान हेरिटेज प्रॉपर्टी वीरायतन को दान में दे दी जो आगरा के दिल में बसे ताजमहल के निकट है।
इसे लेकर आगरा के जैन समाज में उत्साह की लहर है। यह संयोग ही है कि 1970 में वीरायतन के विचार की उत्पत्ति आगरा में ही हुई थी औऱ 2020 तक इसी नगरी में वीरायतन की एक ऐतिहासिक शाखा स्थापित हो जायेगी।
आचार्यश्री जी ने आगरा के लोगों में सकारात्मकता का ऐसा संचार किया है कि लोग उनकी शिक्षा और वीरायतन की विचारधारा की पूजा करने लगे हैं। वीरायतन व्योम, आगरा के सदस्य हर साल 2-3 वर्कशॉप करने और वीरायतन के विचारों को प्रसारित करने के भी पक्षधर हैं।